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दिन के इस समय में सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने से मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ को मिलते हैं दोगà¥à¤¨à¥‡ फायदे, आप à¤à¥€ आज से ही कर लें शà¥à¤°à¥‚
मां का दूध शिशॠके लिठअमृत समान होता है लेकिन अगर इस समय दूध पिलाया जाठतो शिशॠकाे शायद इससे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लाठमिल सकते हैं और उसकी नींद à¤à¥€ पूरी हो सकती है।
benefits of breastfeeding at night in hindi
दिन के इस समय में सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने से मां और बचà¥â€à¤šà¥‡ को मिलते हैं दोगà¥à¤¨à¥‡ फायदे, आप à¤à¥€ आज से ही कर लें शà¥à¤°à¥‚
मां अपने गरà¥à¤ में 9 महीने तक शिशॠको पालती है और इन नौ महीनों में मां के आहार से ही शिशॠकी पोषण की सà¤à¥€ जरूरतें पूरी होती हैं। लेकिन जनà¥â€à¤® के बाद शिशॠको सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना बहà¥à¤¤ जरूरी होता है।
मां के दूध में शिशॠके विकास और पोषण के लिठजरूरी पोषक ततà¥â€à¤µ होते हैं। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• में à¤à¤‚टीबायोटिक होते हैं जो बचà¥â€à¤šà¥‡ की इमà¥â€à¤¯à¥‚निटी को बनाने का काम करते हैं। इसलिठजनà¥â€à¤® के बाद 6 महीने तक शिशॠको मां का दूध ही पिलाया जाता है और डेढ़ से दो साल तक ठोस आहार के साथ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¤®à¤¿à¤²à¥â€à¤• à¤à¥€ दिया जा सकता है।
वैसे तो मांà¤à¤‚ दिनà¤à¤° शिशॠको सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाती हैं लेकिन रात के समय बचà¥â€à¤šà¥‡ को दूध पिलाने से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदा होता है। रात के समय मां के शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤²à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है और शिशॠà¤à¥€ रात के समय जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¥‚खा महसूस करता है। 1 से 6 महीने का बचचा रात को अपनी à¤à¥‚ख का 64 परà¥à¤¸à¥‡à¤‚ट दूध पी सकता है और इसके बाद बचà¥â€à¤šà¤¾ दिनà¤à¤° की à¤à¥‚ख का 20 परà¥à¤¸à¥‡à¤‚ट दूध पी लेता है।
आइठजानते हैं कि रात के समय शिशॠको दूध पिलाने के कà¥â€à¤¯à¤¾ लाठहोते हैं।
​चिड़चिड़ा नहीं होता बचà¥â€à¤šà¤¾
शिशॠरोकर ही अपनी à¤à¥‚ख के बारे में बताता है। रात को थोड़ी-थोड़ी देर में à¤à¥‚ख लगने का समय बढ़ जाता है इसलिठबचà¥â€à¤šà¥‡ को à¤à¥‚ख लगती है और वो बार-बार उठता है। रात में दूध पिलाने से बचà¥â€à¤šà¥‡ का पेट à¤à¤°à¤¾ रहता है और वो देर तक सो सकता है। लेकिन à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ नहीं है कि बचà¥â€à¤šà¤¾ सीधा सà¥à¤¬à¤¹ ही उठता है।
उसे रात में à¤à¥‚ख तो लगती ही है लेकिन वो आराम से अपनी नींद à¤à¥€ पूरी कर लेता है जिससे उसे चिड़चिड़ापन कम होता है।
​नींद नहीं होगी खराब
शिशॠका पेट बहà¥à¤¤ छोटा होता है इसलिठउसमें à¤à¤• बार में बहà¥à¤¤ कम दूध आता है। शिशॠको हर दो से तीन घंटे में à¤à¥‚ख लगती है लेकिन अगर रात को सोने से ठीक पहले बचà¥â€à¤šà¥‡ को दूध पिलाया जाठतो उसके रात में बार-बार जागने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है। इसके अलावा बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• में कई तरह के पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और अमीनो à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होते हैं। मेलाटोनिन à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ है जो नींद आने में मदद करता है। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• में यह पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होता है।
​दूध बनता रहता है
रात को दूध पिलाने से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में दूध बनता रहता है। रात में दूध न पिलाने से, बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में दूध की मातà¥à¤°à¤¾ कम हो सकती है। इसलिठजब आप शिशॠको ठोस आहार देना शà¥à¤°à¥‚ करें, तब उसे दिन की बजाय रात को बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• पिलाà¤à¤‚। इससे बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ में दूध बनता रहेगा।
सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली महिलाओं को पâ€à¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¡à¥à¤¸ नहीं आते हैं कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ नहीं होता है। ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ न होने पर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के चांसेस à¤à¥€ न के बराबर होते हैं। सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना गरà¥à¤ निरोधक की तरह काम कर सकता है। रात को दूध पिलाने से आप अपने सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने की अवधि को बढ़ा सकती हैं।
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